रायपुर अंबुजा मॉल में फ्री पार्किंग का आदेश, उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला

Thu 23-Apr-2026,05:04 PM IST +05:30

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रायपुर अंबुजा मॉल में फ्री पार्किंग का आदेश, उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला Raipur-Ambuja-Mall-Free-Parking-Consumer-Court
  • फैसले से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और देशभर के मॉल्स में पार्किंग शुल्क नीति पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

  • अधिवक्ता द्वारा दर्ज शिकायत के बाद आयोग ने माना कि पार्किंग सुविधा बुनियादी सेवा है और उस पर शुल्क लेना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है।

  • रायपुर उपभोक्ता आयोग ने अंबुजा मॉल की पार्किंग फीस को अवैध घोषित कर सभी उपभोक्ताओं के लिए दोपहिया और चारपहिया वाहनों की निशुल्क पार्किंग अनिवार्य की।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ Raipur के अंबुजा सिटी सेंटर मॉल में पार्किंग शुल्क को लेकर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक अहम फैसले में मॉल प्रबंधन द्वारा वसूले जा रहे पार्किंग शुल्क को अवैध घोषित करते हुए सभी उपभोक्ताओं के लिए पार्किंग निशुल्क करने का आदेश दिया है। यह निर्णय उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है और इससे शहर के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

आयोग की अतिरिक्त बेंच, जिसमें अध्यक्ष प्रशांत कुण्डू और सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस शामिल थे, ने स्पष्ट किया कि पार्किंग सुविधा किसी भी व्यावसायिक परिसर में आने वाले ग्राहकों के लिए एक आवश्यक सेवा है। इसे मुनाफा कमाने का माध्यम बनाना अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि मॉल प्रबंधन को दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब अधिवक्ता अंजिनेश अंजय शुक्ला 15 जून 2025 को अपनी वृद्ध माता को मॉल छोड़ने पहुंचे थे। कुछ ही मिनटों के ठहराव के बावजूद उनसे ₹30 पार्किंग शुल्क वसूला गया। इस पर आपत्ति जताने के बावजूद मॉल प्रबंधन ने “नो फ्री ड्रॉप” नीति का हवाला देते हुए शुल्क वापस करने से इनकार कर दिया। इसके बाद शुक्ला ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि पार्किंग क्षेत्र भवन अनुमति का अनिवार्य हिस्सा होता है और इसे सार्वजनिक सुविधा के रूप में स्वीकृति मिलती है। ऐसे में इस पर शुल्क वसूलना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने ₹50,000 के मुआवजे की मांग भी की, जिसे आयोग ने उचित ठहराया और उपभोक्ता हित में निर्णय सुनाया।

इस फैसले का सीधा असर अब मॉल में आने वाले सभी ग्राहकों पर पड़ेगा। शॉपिंग, मूवी या भोजन के लिए आने वाले लोगों से पार्किंग शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न केवल रायपुर बल्कि देशभर के मॉल्स के लिए एक मिसाल बन सकता है।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में कोई मॉल पार्किंग शुल्क वसूलता है, तो उपभोक्ता इसे जिला उपभोक्ता फोरम में चुनौती दे सकते हैं। यह निर्णय उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ व्यापारिक संस्थानों को भी नियमों का पालन करने के लिए बाध्य करेगा।

यह फैसला आम जनता के खर्च को कम करने और उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे देशभर में पार्किंग नीतियों पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।